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Thursday, 31 December 2015

अंग्रेजी नववर्ष का विरोध क्यों? इस तरह मनाएं इसे.....

इस बार मैं अपने जीवन का दूसरा अंग्रेजी नववर्ष मनाऊंगा, जी हां, सही पढ़ा, दूसरा। 1 साल पहले तक मैं अंग्रेजी नववर्ष के उत्सव को नहीं मनाता था लेकिन जब दिसंबर 2014 में इस विषय पर चिंतन किया तो कोई ऐसा कारण नजर नहीं आया जिसके कारण अंग्रेजी नववर्ष का बहिष्कार किया जाए। जब हम अंग्रेजी तिथियों के अनुसार अब तक का अपना पूरा जीवन जी रहे हैं तो उस नववर्ष को मनाने में क्या बुराई है? यह बात मेरी समझ से परे है। रही बात प्रकृति की तो दीवाली भी ठंड में होती है, उसे पूरी ऊर्जा के साथ मनाते हैं तो 31 दिसंबर को या 1 जनवरी को क्यों इतनी ठंड लगती है? यह मुझे समझ में नहीं आ रहा। मैं इसे गुलामी के पर्व के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसे दिन के रूप में लेता हूं जिस दिन पूरी दुनिया, शराब और शबाब के नशे में डूबी होती है उस दिन हम भारत के लोग कुछ अच्छा करने का संकल्प ले रहे होते हैं। पिछले साल की तरह ही इस बार भी 31 दिसंबर की रात आगामी अंग्रेजी नववर्ष के लिए एक संकल्प लेने की रात होगी।

जैसा कि मैं पहले भी कई बार लिख चुका हूं कि मैं बहुत ही स्वार्थी किस्म का व्यक्ति हूं और अंग्रेजी नववर्ष के उत्सव को मनाना के पीछे भी मेरा एक स्वार्थ है। प्रत्येक वर्ष भारतीय नववर्ष के प्रारम्भ में मैं एक संकल्प लेता हूं और प्रयास करता हूं कि उस संकल्प को पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से पूर्ण कर सकूं। लेकिन पिछले साल से वैसा ही एक संकल्प अंग्रेजी नववर्ष पर लेना शुरू किया। इससे अब एक साल में मेरे दो-दो संकल्प हो जाते हैं। दोस्तों, भारत में बहुत ही उत्सवधर्मी प्रकृति के लोग रहते हैं। छोटी छोटी बातों में खुशियां ढ़ूढना हमारी खासियत है। अपने जीवन में हर दिन हम खुश रहने के बहाने ढूढ़ते हैं तो अंग्रेजी नववर्ष में हम अपनी खुशियां क्यों नहीं ढ़ूढ सकते? क्यों हम इस दिन कुछ नया और समाज के लिए अच्छा करने का संकल्प नहीं कर सकते? मैंने तो सोच लिया है कि मैं इस साल आने वाले हर पर्व पर अपने आस पास के एक बच्चे को खुशी देने की कोशिश करूंगा। बहुत छोटी सी कोशिश है लेकिन मैं इसी में अपनी खुशी खोजने की कोशिश करूंगा। कुछ अच्छा करने के लिए हमें एक बहाना चाहिए होता है। उस बहाने के रूप में मेरा यह संकल्प काम करेगा।



मैंने पिछले वर्ष संकल्प किया था कि पूरे साल में सिर्फ एक व्यक्ति की नकारात्मकता दूर करूंगा और जब उसकी नकारात्मकता दूर हो जाएगी तो मैं उससे निवेदन करूंगा कि अपने किसी परिचित की नकारात्मकता दूर करे। इसके लिए मैंने एक ऐसे लड़के को चुना था जो अपने आगे किसी की नहीं सुनता था। बहुत बचपना था उसमें, उम्मीद थी कि एक साल में मैं जरूर सफल हो जाऊंगा। लेकिन मुझे खुशी है कि ईश्वर की कृपा से मैं 8 महीनों में ही सफल हो गया। यह बात आज भी उस लड़के को नहीं पता है कि उससे संबन्धित मैंने अपने जीवन में कोई संकल्प किया था। आज वह एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में कार्यरत है, मेरे साथ ही पढ़ता था। बहुत सी क्षमताएं थी उसमें लेकिन बस नकारात्मकता के कारण अपनी क्षमताओं को समझ नहीं पा रहा था। पिछली बार जब उससे 6 महीने के बाद मिला तो लगा कि चलो अंग्रेजी नववर्ष के कारण अपनी जिंदगी में कुछ तो अच्छा किया।
इस साल भी एक संकल्प लिया है औऱ मुझे पता है कि मैं उसे पूरा कर लूंगा। आप भी कुछ अच्छा करें तो अंग्रेजी नववर्ष को भारतीयता का रूप दे सकते हैं। तो आईए साथ मिलकर मनाते हैं अंग्रेजों के इस नए साल का जश्न, अपनों के साथ और अपनों के लिए.....लेकिन रुकिए इस नए साल के जश्न के चक्कर में भारतीय नए साल को भूल मत जाना....उस दिन भी कुछ अलग करना है और उस समय तो और अच्छे से कर पाएंगे क्यों कि प्रकृति भी हमारे साथ होगी...

वन्दे भारती...

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